चीन काल की एक घटना है। एक बार एक किशोर ग्वाला अपनी गायों को चराने के लिए नदी के किनारे-किनारे उस जंगल में ले गया जहाँ हरी-भरी घास उगी थी। नदी के तट पर बरगद का एक विशाल वृक्ष था, जिसकी घनी एव... Read more
ईश्वर चन्द्र विद्यासागर कलकत्ता में अध्यापन कार्य करते थे। वेतन का उतना ही अंश घर परिवार के लिए खर्च करते थे जितने में कि औसत नागरिक स्तर का गुजारा चल जाता। शेष भाग वे दूसरे जरूरत मंदों की,... Read more
भारत के प्राचीन ऋषि मनीषियों ने लम्बी साधना एवं गहन अध्ययन के द्वारा शरीर को स्वस्थ एवं दीर्घायु रखने के लिये विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों को विकसित किया। उनमें से ‘‘मुद्रा विज्ञान’’ एक ऐसी चि... Read more
समुत्कर्ष समिति द्वारा मासिक विचार गोष्ठी के क्रम में ‘‘जलियाँवाला बाग हत्याकांड’’ विषय पर 61 वीं समुत्कर्ष विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दुःखान्तिका के शताब्दी वर्ष (2019) पर आयोजित गो... Read more
वीर सावरकर साहस, वीरता, उत्कट देशभक्ति का पर्यायवाची शब्द, जिसका स्मरण करते ही अनुपम त्याग और अदम्य साहस का एक जीवंत चित्र इतिहास के पृष्ठों से निकलकर हमारे सामने उपस्थित हो जाता है। एक साधा... Read more
विकल्प जैसे कि बैंक एफडी, सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम्स, पोस्ट ऑफिस एफडी और प्रधानमंत्री वय वंदना योजना जोखिम रहित एवं एक निश्चित रिटर्न देने वाले विकल्प हैं। वहीं म्युचुअल फंड जैसे विकल्प जो... Read more
चाहे कोई देखे या न देखे फिर भी कोई है जो हर समय देख रहा है। जिसके पास हमारे पाप-पुण्य सभी कर्मों का लेखा-जोखा है। इस दुनिया की सरकार से शायद कोई बच भी जाय पर उस सरकार से आज तक न कोई बचा है औ... Read more
देवर्षि नारद दुनिया के प्रथम पत्रकार या पहले संवाददाता हैं क्योंकि देवर्षि नारद ने इस लोक से उस लोक में परिक्रमा करते हुए संवादों के आदान-प्रदान द्वारा पत्रकारिता का प्रारंभ किया। देवर्षि ना... Read more
10 मई 1857, का दिन भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। इस दिन मेरठ में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ सेना और जनता खुलकर सामने आ गई थी। इसकी पृष्ठभूमि लगभग 40 दिन पुरानी, बंगाल के बैरकपुर... Read more
असाधारण प्रतिभा के धनी आद्य जगदगुरू शंकराचार्य का जन्म वैशाख शुक्ल पंचमी के पावन दिन हुआ था। दक्षिण के कालड़ी ग्राम में जन्में शंकर जी आगे चलकर ‘जगद्गुरु आदि शंकराचार्य’ के नाम से विख्यात हुए... Read more






