विधि :- हाथ की सबसे छोटी अंगुली को कनिष्ठा कहते हैं। इसके अग्रभाग से अँगूठे के अग्र भाग को मिला दिया जाये और शेष तीनों अंगुलियाँ सीधी रहें तो इन्द्र मुद्रा बन जाती है। अवधि :- दिन में तीन बा... Read more
कभी-कभी मन में आता है कि वह समय कितना पवित्र और प्यारा होगा, जब भगवान श्री कृष्ण इस भूमण्डल पर विचरते होंगे? पर अगले ही क्षण मन में यह विचार भी आता है कि उस काल को भी पवित्र और प्यारा नहीं क... Read more
केंद्र सरकार ने एक नई ऐप पेश की है, जिससे पैन कार्ड बनवाया जा सकता है। इस ऐप का नाम उमंग है। इस ऐप के जरिए गैस सिलेंडर बुक करने से लेकर आधार और अन्य कई सेवाओं का लाभ उठाया जा सकता है। इसे गू... Read more
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39 ए में सभी के लिए न्याय सुनिश्चित किया गया है और गरीबों तथा समाज के कमजोर वर्गों के लिए निःशुल्क कानून सहायता की व्यवस्था की गई है। संविधान के अनुच्छेद 14 और 22... Read more
स्वामी दयानंद जी का कहना था कि विदेशी शासन किसी भी रूप में स्वीकार करने योग्य नहीं होता। स्वामी जी महान राष्ट्र-भक्त और समाज-सुधारक थे। समाज-सुधार के संबंध में गाँधी जी ने भी उनके अनेक कार्य... Read more
महात्मा सरयूदास का जन्म गुजरात के पारडी नामक गाँव में हुआ था। उनका बचपन का नाम ‘भोगीलाल’ था। बचपन में उन्हें अपने पड़ोसी ‘बजा भगत’ का सत्संग मिला। सरयूदास जी की शिक्षा-दीक्षा बहुत थोड़ी थी। सर... Read more
पानी और प्रेम को खरीदा नहीं जा सकता’ जैसी कहावत अब हमारे शब्दकोश से शायद जल्द ही विलुप्त होने वाली है। जब हम किताबों में पढ़ते थे कि ‘रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून’। जहाँ इस उक्ति में पा... Read more
कृति का शृंगार और मनुष्य का उल्लास है वसंत। माघ शुक्ल पंचमी से मौसम जैसे करवट लेता है। हवा भले चुभती हो, लेकिन धूप चटकने लगती है और देह को रास आने वाला मलयानिल सनन-सनन की आवाज में इधर से उधर... Read more
कवि प्रदीप महान् कवि एवं गीतकार थे जो देशभक्ति गीत ऐ मेरे वतन के लोगों की रचना के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान शहीद हुए सैनिकों की श्रद्धांजलि में ये गीत लिखा थ... Read more
‘शिव की महान् रात्रि’, महाशिवरात्रि का त्यौहार भारत के आध्यात्मिक उत्सवों की सूची में सबसे महत्वपूर्ण है। हर चंद्र माह के चौदहवें दिन या अमावस्या से एक दिन पहले शिवरात्रि होती है। एक कैलेंडर... Read more






