एक बार कि बात है, एक शहर में एक लड़का रहता था, स्कूल से आने के बाद वह अपने पिता के साथ काम पर जाया करता था। उसके पिता एक घोड़े के अस्तबल में काम करते थे। वह लड़का रोज ही देखता और सोचता था कि कि... Read more
द्वार के सामने निकलती पशुओं की कतार को देखकर वह चिल्लाया- उट् उट्। भीतर से पति की वाणी सुनकर गृहिणी निकली। उसके कानों में ये शब्द बरबस प्रवेश पा गए। व्याकरण की महापण्डिता, दर्शन की मर्मज्ञा... Read more
एक बहेलिया जंगल में पक्षियों को पकड़ने के लिए गया और पक्षियों को पकड़ने के लिए अपने जाल फैलाकर उस पर चावल के दाने बिखेर कर जंगल की झाड़ियो में छुप गया। इतने में झुण्ड में जाते हुए कबूतरों को जं... Read more
एक गांव में एक आदमी रहता था। वह मिट्टी की मूर्तियाँ बनाया करता था। उसकी बनाई मूर्तियाँ सुंदर होती थी इसलिए वह बाजार में आसानी से बिक जाती थी। अच्छे दिन थे। उस का गुजारा मजे में हो रहा था। जब... Read more
एक घने जंगल में एक बड़ा-सा नाग रहता था। वह चिड़ियों के अंडे, मेढ़क तथा छिपकलियों जैसे छोटे-छोटे जीव-जंतुओं को खाकर अपना पेट भरता था। रातभर वह अपने भोजन की तलाश में रहता और दिन निकलने पर अपने बि... Read more
सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, बूढ़े भारत में आई फिर से नई जवानी थी, गुमी हुई आजादी की कीमत सबने पहचानी थी, दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी। चमक उठी सन सत्तावन में, वह... Read more
सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी, गुमी हुई आजादी की कीमत सबने पहचानी थी, दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी। चमक उठी सन सत्तावन में, वह... Read more
मनुष्य को वास्तव में मनुष्य तभी कहा जाता है जब वह प्रत्येक कार्य को मनन अर्थात् विचार करके करे । विचार करके कार्य करने वाला बहुत-से दुखो, मुसीबतों से बचा रहता है । बिना विचारे अर्थात् उतावला... Read more
एक समय की बात है । एक नगर में एक कंजूस राजेश नामक व्यक्ति रहता था । उसकी कंजूसी सर्वप्रसिद्ध थी । वह खाने, पहनने तक में भी कंजूस था । एक बार उसके घर से एक कटोरी गुम हो गई । इसी कटोरी के दुःख... Read more






