आजाद हिन्द फौज आज भी लाखों भारतवासियों के दिलों में अपना स्थान बनाए हुए है। अंग्रेजों ने भारत पर 190 वर्ष शासन किया। इस काल में भारत वासियों के अदम्य स्वतन्त्रता की आकांक्षा से किए गए प्रयत्... Read more
इतिहास में ऐसे कई मोड़ आते हैं जो विश्व के इतिहास में, दुनिया की यादों में और वीरता की कहानियों में अमिट छाप छोड़ जाते हैं। हल्दी घाटी का युद्ध आजादी की सदाकांक्षा का परिणाम था जिसे वीरता और ब... Read more
हमारा सारा जीवन इस ऊहापोह में व्यतीत हो जाता है कि मुझे क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए? मेरे लिए क्या उचित है और क्या अनुचित है? महाभारत के युद्ध के समय अर्जुन के समक्ष भी यही प्रश्... Read more
दामोदर, बालकृष्ण और वासुदेव चापेकर 1857 के स्वाधीनता संग्राम को कुचले हुए आधी-शताब्दी नहीं गुजरी थी। कुछ लोग अंग्रेजों की उपस्थिति से संतुष्ट थे, कुछ का गुजारा ही भ्रष्ट साम्राज्यवाद से चल र... Read more
वामीजी ने कहा था – हे भारत! मत भूलना कि तुम्हारा जीवन अपने व्यक्तिगत सुख के लिए नहीं है, मत भूलना कि नीच, अज्ञानी, दरिद्र, चमार, मेहतर, तुम्हारे भाई है। हे वीर! साहस का अवलम्बन करो, गर... Read more
ष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डाॅ. मोहन राव भागवत जी ने ‘‘सामाजिक समरसता’’ विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि देश के विकास के लिए सामाजिक एकता की आवश्यकता होती है और समाज में एकता की पूर... Read more
विश्व की सर्वाधिक वैज्ञानिक कालगणना का नववर्ष है वर्ष प्रतिपदा। वर्ष प्रतिपदा, गुड़ीपड़वा, नवसंवत्सर, संवत्सरी, चैत्रीचंद आदि नामों से मनाया जाने वाला यह वर्ष के स्वागत का पर्व काल के म... Read more
दुनिया में बहुत बड़े – बड़े वैज्ञानिक हुए है लेकिन उन सब में अल्बर्ट आइन्स्टीन का स्थान सर्वोपरि है। अल्बर्ट आइन्स्टीन एक सैद्धांतिक भौतिकविद थे। वे सापेक्षता के सिद्धांत और द्रव्... Read more
उपभोक्ताओं के विभिन्न हितों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक वर्ष 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता संरक्षण दिवस मनाया जाता है। कंज्युमर्स इंटरनेशनल ने 35 साल पहले 1983 में सबसे पहले उपभोक्ता अधिकार... Read more
‘‘स्त्रियाँ ही हैं, जो लोगों की अच्छी सेवा कर सकती हैं, दूसरों की भरपूर मदद कर सकती हैं। जिंदगी को अच्छी तरह प्यार कर सकती हैं और मृत्यु को गरिमा प्रदान कर सकती हैं।“ महिला अधिकारों के बारे... Read more






