त्याग की प्रतिमूर्ति पन्नाधाय ने अपने पुत्र चंदन का बलिदान देकर उदयसिंह की रक्षा की। उदयसिंह महाराणा सांगा का सबसे छोटा पुत्र था। कुम्भलगढ़ में उनका विवाह पाली के अखैराज सोनगरा की पुत्री जयवन... Read more
भगवान श्री राम से पहले और वामन भगवान के जन्म से पहले भगवान विष्णु का एक अवतार हुआ था। यह अवतार संसार में क्रोध का प्रतीक माना जाता है। इन्होंने स्वयं विष्णु के ही दूसरे अवतार को युद्ध के लिए... Read more
जब अंग्रेजों के अत्याचारों से त्रस्त हमारे देश में चारों ओर हाहाकार मचा हुआ था तो ऐसे में इस वीर भूमि ने अनेक वीर सपूत पैदा किए जिन्होंने अंग्रेजों की दासता से मुक्ति दिलाने के लिए अनेकों सं... Read more
महावीर स्वामी जैनपंथ के 24वें और अन्तिम तीर्थकर थे! भगवान महावीर का जन्म ईसा पूर्व चौथी शताब्दी में शुक्ल पक्ष के चैत्र माह के 13वें दिन, बिहार के वैशाली जिले के कुंडलग्राम में हुआ था। भगवान... Read more
स्वामी दयानंद जी का कहना था कि विदेशी शासन किसी भी रूप में स्वीकार करने योग्य नहीं होता। स्वामी जी महान राष्ट्र-भक्त और समाज-सुधारक थे। समाज-सुधार के संबंध में गाँधी जी ने भी उनके अनेक कार्य... Read more
कवि प्रदीप महान् कवि एवं गीतकार थे जो देशभक्ति गीत ऐ मेरे वतन के लोगों की रचना के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान शहीद हुए सैनिकों की श्रद्धांजलि में ये गीत लिखा थ... Read more






