उठना है तुझे नहीं गिरना है,
जो गिरा तो फिर से उठना है,
अब रुकना नहीं इक पल तुझको,
बस हर पल आगे बढ़ना है,
राहों में मिलेंगे तूफान कई,
मुश्किलों के होंगे वार कई,
इन सबसे तुझे न डरना है,
तू लक्ष्य पे अपने जोर दे,
घुट-घुट कर जीना छोड़ दे,
तू रुख हवाओं का मोड़ दे,
हिम्मत की अपनी कलम उठा,
लोगों के भरम को तोड़ दे।







