मानसून आ चुका है तो मेकअप को लेकर खुलकर प्रयोग का यह दौर नहीं है। जन्म दिवस समारोह, शादी-ब्याह, पार्टी जैसे खास अवसर तो किसी भी मौसम में आ ही जाते है, फिर चाहे मौसम बरसात का ही क्यों ही न हो... Read more
वन की बारिश की फुहारें किसको पसंद नहीं लेकिन ये मौसम मस्ती के साथ-साथ बहुत सारे संक्रमण लेकर आता है। बारिश के मौसम में अक्सर छोटी-छोटी गलतियां हमें गंभीर रूप से बीमार कर सकती हैं। इस मौसम मे... Read more
कश्मीर में वैसे तो 45 शिव धाम, 60 विष्णु धाम, 3 ब्रह्मा धाम, 22 शक्ति धाम, 700 नाग धाम तथा असंख्य तीर्थ थे, जिनमें से अधिकतर का मुगल काल में अस्तित्व मिटा दिया गया। फिर भारत पाकिस्तान के युद... Read more
क्याआप स्मार्ट मोबाइल फोन यूज करते हैं? अगर हां, तो क्या आपने मोबाइल में ढेर सारे एप्लीकेशन (ऐप) डाउनलोड कर रखे हैं? अगर अब भी आपका जवाब हां है तो हो सकता है आप गंभीर खतरे मे हों या बहुत जल्... Read more
शपथ लेना तो सरल है, पर निभाना ही कठिन है। साधना का पथ कठिन है, साधना का पथ कठिन है ।।।। शलभ बन जलना सरल है, प्रेम की जलती शिखा पर। स्वयं को तिल-तिल जलाकर, दीप बनना ही कठिन है ।।1।। हैं अचेतन... Read more
एक बार फिर हारी हुई शब्द-सेना ने मेरी कविता को आवाज़ लगाई – “ओ माँ! हमें सँवारो। थके हुए हम बिखरे-बिखरे क्षीण हो गए, कई परत आ गईं धूल की, धुँधला सा अस्तित्व पड़ गया, संज्ञाएँ खो चुके... Read more
बादलों से उतरी झमाझम बौछार से। अंबर से धरती पर बरसते प्यार से। प्रकृति के हरियालिवी शृंगार से। गुदगुदाती पवन के संग नशीली फुहार से। कौन है जिसका न झूम जाए मन ।1। नदियां व झील, सरोवर लगे भरने... Read more
एक धनी सेठ था। उस सेठ के पास सुख सुविधा के लिए ऐसी सभी वस्तुएं थी जो ऐशो आराम से रहने के लिए उचित मानी जाती है। उसकी एक पुश्तैनी हवेली भी थी जो बहुत विशाल थी और जिसकी उसे साफ-सफाई करवानी थी।... Read more
एक गाँव में एक गरीब लकड़हारा रहता था। वह जंगल से लकड़ियाँ काट कर लाता और उन्हें बेचकर अपना गुजारा करता था। एक दिन वह नदी के किनारे पेड़ पर चढ़कर लकड़ियाँ काट रहा था। अचानक उसके हाथ से कुल्हाड़ा छू... Read more
बाज के बच्चे ने अभी-अभी उड़ना सीखा था३ उत्साह से भरा होने के कारण वह हर किसी को अपनी कलाबाजियां दिखाने में लगा था। तभी उसने पेड़ के नीचे सूअर के एक बच्चे को भागते देखा, ”माँ वो देखो सूअर, कितन... Read more






