एक आदमी की चार पत्नियाँ थी। वह अपनी चौथी पत्नी से बहुत प्यार करता था और उसकी खूब देखभाल करता व उस पर सबसे ज्यादा ध्यान देता था। वह अपनी तीसरी पत्नी से भी प्यार करता था और हमेशा उसे अपने मित्... Read more
चार चोर थे। चारों ही मिलकर चोरी करते थे और जो भी माल मिलता था, उसे आपस में बांट लिया करते थे। वे थे तो इकट्ठे, मगर थे बड़े स्वार्थी। हरेक चोर यही सोचता रहता था कि किसी दिन मोटा माल हाथ लगे तो... Read more
एक बादशाह सर्दियों की शाम जब अपने महल में दाखिल हो रहा था तो एक बूढ़े दरबान को देखा जो महल के सदर दरवाज़े पर पुरानी और बारीक वर्दी में पहरा दे रहा था…। बादशाह ने उसके करीब अपनी सवारी को... Read more
एक हवेली के तीन हिस्सों में तीन परिवार रहते थे। एक तरफ कुंदनलाल, बीच में रामचरण, दूसरी तरफ जसवंत सिंह। उसी दिन रात में बारह बजे रामचरण के बेटे पप्पू के पेट में दर्द हुआ कि वह दोहरा हो गया और... Read more
सूखी खाँसी मुद्रा भारत के प्राचीन ऋषि मनीषियों ने लम्बी साधना एवं गहन अध्ययन के द्वारा शरीर को स्वस्थ एवं दीर्घायु रखने के लिये विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों को विकसित किया। उनमें से ‘‘मुद्रा व... Read more
समुत्कर्ष समिति द्वारा समाज प्रबोधन हेतु मासिक विचार गोष्ठी के क्रम में ‘‘निष्ठामूलक है गुरु शिष्य परम्परा’’ विषय पर 64 वीं समुत्कर्ष विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में वक्ताओं ने अप... Read more
आज के जमाने में बचत करना बहुत आवश्यक हैं और भारत के लोगों का स्वभाव ही बचत करने का है। उन के पास कुछ आसान तरीके हैं जिससे वे ज्यादा बचत कर सकते हैं। हमें अपने भविष्य के लिए अभी से तैयारी करन... Read more
यदि तुम भारत को जानना चाहते हो तो तुमको विवेकानंद को पढ़ना पड़ेगा-गुरुदेव रविन्द्र नाथ ठाकुर द्वारा रोम्य रोलां को कही इन पंक्तियों को दोहराते हुए प्रताप गौरव केंद्र के निदेशक श्री ओमप्रकाश जी... Read more
गुजरात में 2 अक्टूबर 1869 को जन्मे मोहनदास करमचंद गांधी ने सत्य और अहिंसा को अपना ऐसा मारक और अचूक अस्त्र बनाया जिसके आगे दुनिया के सबसे ताकतवर ब्रिटिश साम्राज्य को भी घुटने टेकने पड़े। यह वर... Read more
यह सच है कि यदि हम उनके आदर्शों को आत्मसात कर लें, तो हमारे जीवन की अनेकानेक समस्याएं स्वतः समाप्त हो जाएंगी। उन्होंने अधर्म को सहन न करने का संदेश सभी को दिया, जो कि आज के समय की भी प्रबल आ... Read more






