उस छोटे-से शहर में लाल बहादुर की स्कूली शिक्षा कुछ खास नहीं रही लेकिन गरीबी की मार पड़ने के बावजूद उनका बचपन पर्याप्त रूप से खुशहाल बीता। उन्हें वाराणसी में चाचा के साथ रहने के लिए भेज दिया ग... Read more
भारतीय स्वातन्त्र्य आन्दोलन सत्याग्रह से स्वतंत्रता : महात्मा गाँधी राष्ट्रवाद के इतिहास में प्रायः एक अकेले व्यक्ति को राष्ट्र-निर्माण के साथ जोड़कर देखा जाता है। उदाहरण के लिए, हम इटली के न... Read more
सरदार भगतसिंह का नाम अमर शहीदों में प्रमुख रूप से लिया जाता है। भगत सिंह का जन्म 27 सितंबर, 1907 को लायलपुर जिले के बंगा में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। उनका पैतृक गांव खट्कड़ कलाँ है जो... Read more
पं. दीनदयाल उपाध्याय राजनेता मात्र नहीं थे, वह उच्च कोटि के चिंतक, विचारक और लेखक भी थे। उनका व्यक्तित्व व कृतित्व बहुआयामी था। समाजसेवा व राजनीति में लगे लोग आज भी उनसे प्रेरणा ले सकते हैं।... Read more
हर वर्ष 15 सितम्बर को अभियंता दिवस और संचयिका दिवस के रूप में मनाया जाता है। अभियन्ता दिवस पर भारत के सुविख्यात इंजिनियर डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया आधुनिक भारत के विश्वकर्मा के रूप में बड़े... Read more
हिंदी भारत में सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा है और इसे राजभाषा का दर्जा प्राप्त है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया था। हिंदी के महत्व को बताने और इसके... Read more
भारत में भूदान तथा सर्वोदय आन्दोलनों के लिए सुपरिचित सन्त विनोबा भावे भगवद गीता से प्रेरित जनसरोकार वाले नेता थे। वे महात्मा गाँधी से बहुत प्रभावित थे तथा गाँधीजी के साथ उन्होंने देश के स्वा... Read more
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) असम के नागरिकों की नागरिकता सूची है। इसमें उन सभी भारतीय नागरिकों के नाम, पते और फोटोग्राफ हैं, जो 25 मार्च, 1971 के पहले से असम में रह रहे हैं। असम देश का... Read more
व्यक्ति का समाज के प्रति वही दायित्व है जो अंगों का सम्पूर्ण शरीर के प्रति। यदि शरीर के विविध अंग किसी प्रकार स्वार्थी अथवा आत्मास्तित्व तक ही सीमित हो जायें, तो निश्चय ही सारे शरीर के लिए ए... Read more
माननीय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी को समर्पित श्रद्धांजलि स्वरूप मेरी एक रचना… “मुझे चलना अकेला हैं” आयी अन्तिम ये वेला हैं लगा अपनों को मेला हैं चलेगा कौन संग मेरे म... Read more






