एक बार गुरु गोविन्द सिंह जी के यहाँ एक कलंदर आया। जो रीछ को पकड़कर नचाते हैं, उन्हें कलंदर (मदारी) कहते हैं। उस समय गुरु गोविंद सिंह जी आराम की मुद्रा में बैठे थे और एक सेवक चँवर डुला रहा था।... Read more
एक आदमी ने एक बहुत ही खूबसूरत लड़की से शादी की। शादी के बाद दोनों की जिन्दगी बहुत प्यार से गुजर रही थी। वह उसे बहुत चाहता था और उसकी खूबसूरती की हमेशा तारीफ किया करता था। लेकिन कुछ महीनों के... Read more
एक बार एक सीधे पहाड़ में चढ़ने की प्रतियोगिता हुई। बहुत लोगों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता को देखने वालों की सब जगह भीड़ जमा हो गयी। माहौल में गर्मी थी, हर तरफ शोर ही शोर था। प्रतियोगियों ने चढ़न... Read more
एक बार एक शिव भक्त धनिक शिवालय जाता है। पैरों में महँगे और नये जूते होने पर सोचता है कि क्या करूँ ? यदि बाहर उतार कर जाता हूँ तो कोई उठा न ले जाये और अंदर पूजा में मन भी नहीं लगेगा। सारा ध्य... Read more
गाँधी जी अपने नियम के बड़े पक्के थे। उनका प्रत्येक कार्य नियमित और निर्धारित समय- सीमा के अनुसार ही होता था। हरेक क्षण का पूर्ण सदुपयोग हो इस बात के लिए वे सदैव सचेत रहते थे। उनके आश्रम में स... Read more
‘‘क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकड़े रहने के समान है, इसमें अन्ततः आप ही जलते हैं।’’ बहुत समय पहले की बात है। आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच सोलह दिन तक... Read more
किसी नगर में एक सेठ जी रहते थे। उनके घर के नजदीक ही एक मंदिर था। एक रात्रि को पुजारी के कीर्तन की ध्वनि के कारण उन्हें ठीक से नींद नहीं आयी। सुबह उन्होंने पुजारी जी को खूब डाँटा कि- यह सब क्... Read more
टिकट कहाँ है…? टी सी ने बर्थ के नीचे छिपी लगभग तेरह-चैदह साल की लड़की से कड़ककर पूछा। टिकिट नहीं है साहब काँपती हुई हाथ जोड़े लडकी बोली, ‘‘तो गाड़ी से उतरो’’ टीसी ने कहा। इसका टिकट मैं दे... Read more
एक लकड़हारा रात-दिन लकड़ियां काटता, मगर कठोर परिश्रम के बावजूद उसे आधा पेट भोजन ही मिल पाता था। एक दिन उसकी मुलाकात एक साधु से हुई। लकड़हारे ने साधु से कहा कि जब भी आपकी प्रभु से मुलाकात हो जाए... Read more
एक नदी के किनारे दो पेड़ थे। उस रास्ते एक छोटी सी चिड़िया गुजरी और पहले पेड़ से पूछा.. बारिश होने वाली है, क्या मैं और मेरे बच्चे तुम्हारे टहनी में घोसला बनाकर रह सकते हैं ? लेकिन वो पेड़ ने मना... Read more






