शिवाजी महाराज एक कुशल और प्रबुद्ध सम्राट के रूप में जाने जाते हैं। सेनानायक के रूप में शिवाजी की महानता निर्विवाद रही है। शिवाजी समर्पित हिन्दू राजा थे और धार्मिक सहिष्णुता के पक्षधर भी थे।... Read more
हमारे देश भारत में सदियों से अनेक महान संतों ने जन्म लेकर इस भारतभूमि को धन्य किया है जिसके कारण भारत को विश्वगुरु कहा जाता है। जब-जब हमारे देश में ऊँच-नीच, भेदभाव, जातिपांति, धर्मभेदभाव अपन... Read more
कुम्भ का शाब्दिक अर्थ है कलश और यहाँ ‘कलश’ का सम्बन्ध अमृत कलश से है। बात उस समय की है जब देवासुर संग्राम के बाद दोनों पक्ष समुद्र मंथन को राजी हुए थे। मथना था समुद्र तो मथनी और नेति भी उसी... Read more
वीर सावरकर की स्थिति निरंतर बिगड़ती चली गई और 26 फरवरी 1966 की प्रातः स्पष्ट प्रतीत होने लगा कि उनका अंतिम समय समीप ही आ गया है। चिकित्सक अपना कर्त्तव्य निभाने में लग गये। ऑक्सीजन दी गई तथा स... Read more
रत्नागिरि में स्थानबद्धता के समय वीर सावरकर से कई राष्ट्रीय स्तर के नेता, समाज-सुधारक आदि व्यक्ति मिलने आये थे, जिनसे उनकी तत्कालीन भारत की राजनीति, धर्म, संस्कृति आदि विषयों पर वार्ता हुई।... Read more
अण्डमान में बन्दी-जीवन काल में उन्हें वांछित एकांत मिल गया, जहां उन्होंनें राष्ट्रीय पुनर्निर्माण की समस्या पर गहन विचार किया। उन्होंने अनुभव किया कि देश में चलने वाला स्वतंत्रता संग्राम इस... Read more
कैदियों को नारियल का रेशा कूटकर निकालने का काम दिया गया। इस काम को करते हुए कैदी आपस में बोलते भी रहते थे। एक बार कलकत्ता से कोई अधिकारी इस जेल में देखने आया, उसे कैदियों का आपस में बोलना भी... Read more
अग्रेजी सरकार द्वारा भारतके स्वतंत्रता सैनानियों पर किए गए अत्याचारों की मूक गवाही में इस सेल्यूलर जेल का निर्माण 1896 ई. में आरंभ हुआ था और यह पूर्ण रूप से 1906 ई. में बनकर तैयार हुई थी। इस... Read more
काला पानी के नाम से कुख्यात सेल्युलर जेल पोर्ट ब्लेयर में है। पोर्ट ब्लेयर, अंडमान निकोबार की राजधानी है। ये जेल अंग्रेजों द्वारा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को कैद में रखने के लि... Read more
दो कालेपानी का दंड सुना दिये जाने के बाद अन्डमान भेजने से पूर्व वीर विनायक सावरकर को डोंगरी जेल में रखा गया। यहां उन्हें रस्सी के लिए नारियल के रेशे कूटने का काम दिया गया। इसी जेल में एक दिन... Read more






