30 मार्च 1930 और वक्त था रात के 11.30 बजे। जेनेवा के एक हॉस्पिटल में भारत मां के एक सच्चे सपूत ने आखिरी सांस ली और उसकी मौत पर लाहौर की जेल में भगत सिंह और उसके साथियों ने शोक सभा रखी, जबकि... Read more
गणेश शंकर विद्यार्थी एक निडर और निष्पक्ष पत्रकार, समाज-सेवी और स्वतंत्रता सेनानी थे। भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन के इतिहास में उनका नाम अजर-अमर है। गणेश शंकर विद्यार्थी एक ऐसे पत्रकार थे, जिन... Read more
यह 24 मार्च 1931 की सुबह थी। और लोगों में एक अजीब सी बेचैनी थी। एक खबर लोग आसपास से सुन रहे थे और उसका सच जानने के लिए यहां-वहां भागे जा रहे थे और अखबार तलाश रहे थे। यह खबर थी सरदार भगत सिंह... Read more
होली का पर्व मात्र परंपरागत उत्सव ही नहीं अपितु जीवन का मनोविज्ञान है, इसका एक सामाजिक दर्शन है। पर्व और त्योहारों की सांस्कृतिक स्वीकृति ही इसलिए है कि समाज का प्रबुद्ध वर्ग इसे समझेगा, समा... Read more
श्री कृष्ण चैतन्य महाप्रभु का जन्म गौरव पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है। श्रीकृष्ण चैतन्य महाप्रभु, जिन्हें अपने स्वर्णिम चमक के कारण गौरांग के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने नादिया,... Read more
भारतभूमि अनादिकाल से संतों एवं अध्यात्म के दिव्यपुरुषों की भूमि रही है। जब-जब धर्म पर संकट आया है, तब-तब संतों ने अवतार लेकर भक्ति के माध्यम से समाज को सही दिशा दी है। ऐसे ही महान संत थे दाद... Read more
मन्त्र की महिमा एक बार परमहंसजी से एक जिज्ञासु ने पूछा – ‘‘क्या मन्त्र जप सबको समान लाभ देते हैं?’’ उन्होंने कहा – ‘‘नहीं!’’ तो जिज्ञासु ने पूछा – ‘‘क्यों ?’’ परमहंसजी के स... Read more
फाल्गुन कृष्ण दशमी संवत् 1881 में जन्मे महर्षि दयानन्द सरस्वती के बारे में जब चिन्तन करने लगते है तो सामान्य मनुष्य अथवा महापुरूषों के व्यक्तित्व व कृतित्व के समान चिन्तन तो करना ही होता है... Read more
इस दिन वर्ष 1928 को सर सी. वी. रमन ने अपनी खोज ‘रमन प्रभाव’ की घोषणा की थी। इसी खोज के लिए सर सी. वी. रमन को नोबेल पुरस्कार भी दिया गया था सर सी. वी. रमन नोबेल पुरस्कार पाने वाले प्रथम भारती... Read more
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में चन्द्रशेखर आजाद का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। भले ही लोग स्वतंत्रता-संग्राम में उनके योगदान को पूर्ण रूप से न जानते हों, लेकिन इतना अवश्य जानते... Read more






