ऐसा यज्ञोपवित धारण करने से क्या लाभ? बालक नानक के पिता कल्याणराय ने उनका यज्ञोपवीत कराने के लिए अपने इष्ट संबंधियों एवं परिचितों को निमंत्रित किया। बालक नानक को आसन पर बिठाकर जब पुरोहितों ने... Read more
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन की मौलिकता और उनसे जुड़ी घटनाएं उनके जीवन दर्शन को समझाती हैं। भारत की आजादी में उनकी भूमिका सर्वविदित है। भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी विचारधारा... Read more
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का मानना था कि साफ-सफाई, ईश्वर भक्ति के बराबर है और इसलिए उन्होंने लोगों को स्वच्छता बनाए रखने संबंधी शिक्षा दी थी और देश को एक उत्कृष्ट संदेश दिया था। उनका कहना था... Read more
महात्मा गांधी को धार्मिक, सांस्कृतिक तथा सामाजिक मामलों में सामान्यतया परंपरावादी तथा अनुदार माना जाता है। किंतु जहां तक हिंदू समाज में महिलाओं की स्थिति का प्रश्न है, गांधीजी ने जो दृष्टि ब... Read more
सत्य, अहिंसा, शांति और सद्भाव के उपासक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150 वीं जयंती तथा विश्व अहिंसा दिवस पर समुत्कर्ष के पाठकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। बापू ने प्रत्येक भारतव... Read more
होनहार बिरवान के होत चीकने पात’ कहावत के दो उदाहरण याद आते हैं। बचपन में श्रवण कुमार और सत्यवादी राजा हरिशचंद्र का नाटक बाइस्कोप में देखकर गांधी जी माता-पिता की आज्ञा पालन और सत्य बोलने की आ... Read more
भारत में ब्रिटिश अफसरों द्वारा किये गये अपमान का बदला लेने के लिए मदन लाल धींगरा द्वारा ब्रिटिश अधिकारी कर्जन वाइली की हत्या की घटना की सूचना पाकर गांधी जी विचलित हो उठे थे। उन्हें इस बात से... Read more
मोहनदास करमचन्द गांधी (2 अक्टूबर 1869 – 30 जनवरी 1948) भारत एवं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे। वे सत्याग्रह (व्यापक सविनय अवज्ञा) के माध्यम से अ... Read more
देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने भारतीय शिक्षा जगत को नई दिशा दी। उनका जन्मदिन देश ‘शिक्षक दिवस’ के रूप में मनाता है। वे निष्काम कर्मयोगी, करुण हृदयी, धैर्यवान, विवेकशील... Read more
यह सच है कि यदि हम उनके आदर्शों को आत्मसात कर लें, तो हमारे जीवन की अनेकानेक समस्याएं स्वतः समाप्त हो जाएंगी। उन्होंने अधर्म को सहन न करने का संदेश सभी को दिया, जो कि आज के समय की भी प्रबल आ... Read more






