खान-पान संबंधी कुछ बातें बेहद छोटी-मोटी होती हैं, पर उनका खयाल रखना बड़ी बात है, क्योंकि छोटी-छोटी बातों से बड़ा फर्क पड़ता है। जैसे अलग-अलग तरह के कपड़े अलग-अलग लोगों पर फबते हैं, वैसे ही हर व्... Read more
जनवरी के महीने में कई स्थानों पर सर्दी अपने चरम पर पायी जाती है और इस ठण्ड भरे मौसम में घूमने का अलग ही आनंद होता है। ऐसे में अगर आप जनवरी में एक छोटी सी ट्रिप का प्लान बना रहे हैं तो इस ठंड... Read more
शिवाजी मुगलों के खिलाफ एक बार छापामार युद्ध लड़ रहे थे, एक रात वो थके हालत में एक बुढ़िया की झोंपडी में पहुँचे और उनसे कुछ खाने-पीने के लिए अनुरोध करने लगे। बुढ़िया ने उनके सामने गरम-गरम भात रख... Read more
एक समय की बात है। रेगिस्तान के किनारे स्थित एक गाँव में एक व्यापारी रहता था। वह ऊँटों का व्यापार करता था। वह ऊँटों के बच्चों को खरीदकर उन्हें शक्तिशाली बनाकर बेचा करता था। इससे वह ढेर सारा ल... Read more
जाड़े का दिन था और शाम हो गयी थी। आसमान में बादल छाये थे। एक नीम के पेड़ पर बहुत से कौवे बैठे हुए थे। वे सब बार-बार काँव-काँव कर रहे थे एवं एक दूसरे से झगड़ भी रहे थे। इसी समय एक छोटी मैना आयी... Read more
एक बार की बात है। एक गुरूजी थे। उनके बहुत से शिष्य थे। उन्होंने एक दिन अपने शिष्यों को बुलाया और समझाया- शिष्यों सभी जीवों में ईश्वर का वास होता है इसलिए हमें सबको नमस्कार करना चाहिए। कुछ दि... Read more
स्वामी विवेकानंद के जीवन की यह एक घटना है। भ्रमण करने एवं भाषणों के बाद स्वामी विवेकानन्द अपने निवास स्थान पर आराम करने के लिए लौटे हुए थे। उन दिनों वे अमेरिका में ठहरे हुए थे और वे अपने ही... Read more
सुभाष चंद्र बोस का जन्म जनवरी 23 सन 1897 में उड़ीसा के कटक शहर में हुआ था। उनके पिता जानकी नाथ बोस प्रख्यात वकील थे। उनकी माता प्रभावती देवी सती और धार्मिक महिला थीं। प्रभावती और जानकी नाथ की... Read more
ब कभी भारतीय समाज जीवन को करवट लेने की जरूरत हुई, तब कोई-न-कोई परिवर्तनकारी व्यक्तित्व उठ खड़ा हुआ है। ऐसे महनीय व्यक्तित्वों की असमाप्त शृंखला के मध्य स्वामी विवेकानंद अपने ढंग के अनन्य व्यक... Read more






