एक हाथी था। उसका मित्र बंदर था। लेकिन एक दिन उन दोनों की मित्रता टूट गई। तो हाथी और बंदर अलग-अलग हो गए। एक दिन बंदर ने हाथी को चिढ़ाया। वह बोला- ‘लंबी सूंड सूपा जैसे कान, मोटे-मोटे पैर।’ यह स... Read more
एक बहेलिया था। एक बार जंगल में उसने चिड़िया फंसाने के लिए अपना जाल फैलाया। थोड़ी देर बाद ही एक बाज उसके जाल में फंस गया। वह उसे घर लाया और उसके पंख काट दिए। अब बाज उड़ नहीं सकता था, बस उछल उछलक... Read more
भारत के प्राचीन ऋषि मनीषियों ने लम्बी साधना एवं गहन अध्ययन के द्वारा शरीर को स्वस्थ एवं दीर्घायु रखने के लिये विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों को विकसित किया। उनमें से ‘‘मुद्रा विज्ञान’’ एक ऐसी चि... Read more
समुत्कर्ष समिति द्वारा गुरु नानक देव जी के 550 वें प्रकाश पर्व के परिप्रेक्ष्य में ‘‘समता और समानता के पक्षधर थे गुरु नानक’’ विषय पर समुत्कर्ष विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में वक्त... Read more
किसी को हम जैसा देखते हैं,वह वस्तुतः वैसा नहीं होता। शरीर के अंदर भी एक सूक्ष्म शरीर होता है, वही असली होता है। इसको एक उदाहरण से समझ सकते हैं जैसे कार और उसका ड्राईवर। कार हमारा शरीर और ड्र... Read more
पंजाब प्रान्त के जालंधर जिले में तलवान नामक ग्राम में 22 फरवरी, 1856 ई. को जन्में स्वामी श्रद्धानन्द ऐसे महान् राष्ट्रभक्त संन्यासियों में अग्रणी थे, जिन्होंने अपना सारा जीवन वैदिक धर्म के प... Read more
महामना पंडित मदन मोहन मालवीय हिन्दुत्व की साक्षात् प्रतिमूर्ति थे। वे उन तेजस्वी महापुरुषों में से थे, जिन्होंने हिन्दी- हिन्दू-हिन्दुस्तान के लिए ही जन्म लिया था और अपने जीवन के अंतिम समय त... Read more
अयोध्या नाम में अकार, यकार और धकार को क्रमशः ब्रह्मा, विष्णु और शिव का वाचक माना जाता है। इनके किले, टीले और सरोवर पुराणों में दर्ज हैं, यहां के प्रतापी राजा पूजित हुए। 491 वर्ष पुराने विवाद... Read more
ऐतिहासिक तथ्य बताते हैं कि विदेशी आक्रांता बाबर के आदेश पर सन् 1527-28 में अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बने भव्य राम मंदिर को तोड़कर एक मस्जिद का निर्माण किया गया। कालांतर में बाबर के न... Read more






