कई वर्ष पहले धार में राजा भोज का शासन था। उस राज्य में एक गरीब विद्वान रहता था। आर्थिक तंगी से घबराकर एक दिन विद्वान की पत्नी ने उससे कहा-आप राजा भोज के पास क्यों नहीं जाते? वह विद्वानों का... Read more
यह सतयुग की एक पौराणिक कथा है। श्रवण कुमार के माता पिता अंधे थे, उनको आँखों से कुछ दिखाई नहीं देता था। श्रवण की माँ ने बहुत कष्ट झेलकर अपने बेटे को पालन पोषण किया । अंधे पिता किसी तरह मेहनत... Read more
पनघट पर चार औरतें पानी भरने आई, पानी भरते हुए वे एक-दूसरे से बातें करने लगी, बातों-बातों में उन्होंने अपने बेटों के गुणों का बखान करना प्रारंभ कर दिया. पहली औरत बोली, ‘‘मेरा बेटा बहुत सुरीली... Read more
बहुत पुरानी बात है, एक बार एक संत समाज के विकास में अपना योगदान देना चाहते थे। उन्होंने एक विद्यालय आरंभ किया। उस विद्यालय को आरंभ करने का उद्देश्य था कि उनके विद्यालय से जो भी छात्र-छात्राए... Read more
इसे सूकरी मुद्रा अथवा समन्वय मुद्रा भी कहते हैं। विधि – अपने हाथों की चारों अंगुलियों एवं अँगूठे के अग्र भाग को मिलाने से यह मुद्रा बनती है। अवधि – दिन में 5 बार, 5-5 मिनट के लिए... Read more
परोपकार का सही अर्थ यह है कि आप किसी की सहायता बिना कोई अपेक्षा किया करें। परोपकार वह होता है जब आपके बाएं हाथ को मालूम न हो कि आपका दायां हाथ क्या कर रहा है। इस संपूर्ण सृष्टि की कार्यपद्धत... Read more
पहली बार वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में स्टेम कोशिकाओं (पीएससी) का उपयोग करके मानव ग्रास नली अथवा आहार नली के एक लघु कार्यात्मक संस्करण को विकसित करने में सफलता हासिल की है। अमेरिका में सिनसि... Read more
अधिकतर लोग अपनी आय से सभी खर्चोंको निकाल कर जो शेष बच जाए उतनी ही बचत करते हैं । मशहूर निवेशक वॉरेन बफेट ने कहा है पहले बचत करें, और जो बच जाए उतना ही खर्च करें । महीने के शुरू में अपनी बचत... Read more
गुरु जी का प्रकाश पंजाब के अमृतसर में श्री गुरु हरगोबिंद साहिब के घर 1621 ई. को माता नानकी जी की कोख से हुआ था। उनके बचपन का नाम त्यागमल था। वे बाल्यावस्था से ही संत स्वरूप, गहन विचारवान, उद... Read more
सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु गुरुनानक देव का जन्म कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था। यही वजह है कि इस दिन को सिख पंथ के अनुयायी बड़े ही धूमधाम से प्रकाश उत्सव और गुरु पर्व के रूप में मनाते... Read more






