रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा 15 अक्टूबर 2018 को नई दिल्ली के डीआरडीओ भवन में पूर्व राष्ट्रपति और डीआरडीओ के पूर्व प्रमुख भारत रत्न डॉ.ए.पी.जे अब्दुल कलाम की 87वीं जयंती मना... Read more
भारतीय समाज में प्राचीन काल से परंपरागत प्रकृति निर्भर तत्व ने आर्थिक समाजवाद की अवधारणा को 19वीं सदी के प्रमुख आदिवासी जननायक बिरसा मुंडा के अंदर जागृत किया था ।।गांधी से पहले गांधी की अवधा... Read more
भारत में मधुमेह का इतिहास काफी पुराना है। ईसा पूर्व पाँचवीं शताब्दी में भारत के प्रसिद्ध चिकित्सा विज्ञानी सुश्रूत ने मधुमेह का वर्णन किया था। उन्होंने कहा था कि इस रोगी का मूत्र मीठा हो जात... Read more
पंडित मदनमोहन मालवीय का जन्म पंडित बृज नाथ और मूना देवी के घर इलाहाबाद के अहिल्यापुर मोहल्ले (अब मालवीय नगर) में 25 दिसम्बर 1861 में हुआ था। वे अपने माता-पिता से उत्पन्न कुल सात भाई ब... Read more
दीपावली एक साधारण पर्व नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अस्मिता और गौरव, जागरण का पर्व है। इसमें हमें एक समर्थ राष्ट्र के गौरव तथा गौरवशाली अतीत के दर्शन होते हैं। दीपावली का पर्व भारतीय संस्कृति का गौ... Read more
समुत्कर्ष समिति द्वारा मासिक विचार गोष्ठी के क्रम में – “सामर्थ्य सलिला.मातृ शक्ति” विषयक मासिक विचार गोष्ठी का आयोजन उदयपुर में किया गया। गोष्ठी में अपने विचार रखते हुए वक... Read more
नारी सृष्टि का आधार है। नारी के बिना संसार की हर रचना अपूर्ण तथा रंगहीन है। नारी मृदु होते हुए भी कठोर है। उसमें पृथ्वी जैसी सहनशीलता, सूर्य जैसा ओज तथा सागर जैसा गांभीर्य एक साथ दृष्टिगोचर... Read more
जबलपुर से कुछ किलोमीटर दूर एक गांव है ‘‘बरेना’’। बरेना में श्वेत पत्थरों की एक समाधि बनी हुई है। वह समाधि देश की स्वतंत्रता पर बलिदान होने वाली वीर रानी दुर्गावती की है। जो भी मनुष्य उस ओर स... Read more
नीरजा भनोट का जन्म 7 सितम्बर 1963 को पंजाब के चंडीगढ़ जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम हरीश भनोट और माता का नाम रामा भनोट था। नीरजा के पिता हरीश भनोट मुंबई में एक पत्रकार थे और नीरजा की पढाई... Read more
6 फरवरी 1932 का दिन था जब कलकत्ता विश्वविद्यालय के कनवोकेशन हाल में बैठे सैकड़ों लोग एक युवती द्वारा लगातार चलायी जा रही गोलियों से स्तब्ध रह गए, जिनका निशाना कोई और नहीं बल्कि बंगाल का तत्का... Read more






