भारतीय समाज में प्राचीन काल से परंपरागत प्रकृति निर्भर तत्व ने आर्थिक समाजवाद की अवधारणा को 19वीं सदी के प्रमुख आदिवासी जननायक बिरसा मुंडा के अंदर जागृत किया था ।।गांधी से पहले गांधी की अवधा... Read more
पंडित मदनमोहन मालवीय का जन्म पंडित बृज नाथ और मूना देवी के घर इलाहाबाद के अहिल्यापुर मोहल्ले (अब मालवीय नगर) में 25 दिसम्बर 1861 में हुआ था। वे अपने माता-पिता से उत्पन्न कुल सात भाई ब... Read more
जबलपुर से कुछ किलोमीटर दूर एक गांव है ‘‘बरेना’’। बरेना में श्वेत पत्थरों की एक समाधि बनी हुई है। वह समाधि देश की स्वतंत्रता पर बलिदान होने वाली वीर रानी दुर्गावती की है। जो भी मनुष्य उस ओर स... Read more
नीरजा भनोट का जन्म 7 सितम्बर 1963 को पंजाब के चंडीगढ़ जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम हरीश भनोट और माता का नाम रामा भनोट था। नीरजा के पिता हरीश भनोट मुंबई में एक पत्रकार थे और नीरजा की पढाई... Read more
6 फरवरी 1932 का दिन था जब कलकत्ता विश्वविद्यालय के कनवोकेशन हाल में बैठे सैकड़ों लोग एक युवती द्वारा लगातार चलायी जा रही गोलियों से स्तब्ध रह गए, जिनका निशाना कोई और नहीं बल्कि बंगाल का तत्का... Read more
कनकलता बरुआ भारत माता की शहीद पुत्री हैं जो भारतीय वीरांगनाओं की लंबी कतार में जा मिली। मात्र 17 वर्षीय कनकलता अन्य बलिदानी वीरांगनाओं से उम्र में छोटी भले ही रही हो, लेकिन त्याग व बलिदान मे... Read more
कैप्टन लक्ष्मी सहगल भारत की स्वतंत्रता संग्राम की सेनानी थी। वे आजाद हिन्द फौज की ‘रानी लक्ष्मी रेजिमेन्ट’ की कमाण्डर तथा आजाद हिन्द सरकार में महिला मामलों की मंत्री थी। वे व्यवसाय से डॉक्टर... Read more
आज हमारे युवा क्रान्तिकारियों के जन्मदिवस या बलिदान दिवस पर ‘सोशल नेटवर्किंग साइट्स’ पर फोटो तो शेयर कर देते हैं, लेकिन इस युवा आबादी में ज्यादातर को भारत की क्रान्तिकारी विरासत का या तो ज्ञ... Read more
सरोजिनी नायडू उच्च कोटि की देशभक्त थी। गांधी जी के बताए मार्ग पर चलकर स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वालो में उनका महत्वपूर्ण स्थान था। उनमें देशप्रेम, साहस और शौर्य तो था ही, कवि की कोमल भाव... Read more
मातंगिनी हाजरा का जन्म 19 अक्टूबर, 1870 ई. में पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले में हुआ था। एक गरीब किसान की बेटी थीं। उन दिनों लड़कियों को अधिक पढ़ाया नहीं जाता था, इसलिए मातंगिनी भी निरक्षर रह... Read more






