कैदियों को नारियल का रेशा कूटकर निकालने का काम दिया गया। इस काम को करते हुए कैदी आपस में बोलते भी रहते थे। एक बार कलकत्ता से कोई अधिकारी इस जेल में देखने आया, उसे कैदियों का आपस में बोलना भी... Read more
अग्रेजी सरकार द्वारा भारतके स्वतंत्रता सैनानियों पर किए गए अत्याचारों की मूक गवाही में इस सेल्यूलर जेल का निर्माण 1896 ई. में आरंभ हुआ था और यह पूर्ण रूप से 1906 ई. में बनकर तैयार हुई थी। इस... Read more
काला पानी के नाम से कुख्यात सेल्युलर जेल पोर्ट ब्लेयर में है। पोर्ट ब्लेयर, अंडमान निकोबार की राजधानी है। ये जेल अंग्रेजों द्वारा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को कैद में रखने के लि... Read more
दो कालेपानी का दंड सुना दिये जाने के बाद अन्डमान भेजने से पूर्व वीर विनायक सावरकर को डोंगरी जेल में रखा गया। यहां उन्हें रस्सी के लिए नारियल के रेशे कूटने का काम दिया गया। इसी जेल में एक दिन... Read more
जजीरों में जकडे सावरकर को लेकर जहाज 22 जुलाई 1910 को तत्कालीन बॉम्बे बंदरगाह पहुँचा। परन्तु आई. जी. माइकल केनेडी की अगुवाई वाले ब्रिटिश पुलिस दल ने बंदरगाह पहुँचने से पहले ही गुप्त रुप से सा... Read more
1जुलाई, 1910 को ‘मोरिया’ जलयान से सावरकर को कड़े पहरे में भारत रवाना कर दिया गया। ब्रिटिश सरकार को भनक लग गई थी कि सावरकर को रास्ते में छुड़ाने का प्रयास किया जा सकता है, अतः बहुत कड़े सुरक्षा-... Read more
1907 में सावरकर ने अंग्रेजों के गढ़ लंदन में 1857 की अर्द्धशती मनाने का व्यापक कार्यक्रम बनाया। क्योंकि अंग्रेज इस प्रथम स्वातंत्र्य-समर को ‘गदर’ व लूट बताकर बदनाम करते आ रहे थे। 10 मई, 1907... Read more
सावरकर ने 1907 में ‘1857 का प्रथम स्वातंत्र्य-समर’ गं्रथ लिखना शुरू किया।कर्जन वायली द्वारा स्थापित इंडिया ऑफिस के पुस्कालय में बैठकर वे विभिन्न दस्तावेजों व ग्रंथों का अध्ययन करने लगे। उन्ह... Read more
अपने आरंभिक छात्र-जीवन से ही विनायक सावरकर राष्ट्र-प्रेम से ओत-प्रोत कविताएं लिखने लगे थे। उनकी ये कविताएं (पोवाड़) स्वतन्त्रता प्रेमी ऐतिहासिक वीरों-महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोवि... Read more
1889 में प्रारंभिक शिक्षा हेतु बालक तात्या को गांव की पाठशाला में प्रविष्ट कराया गया। उसने इस पाठशाला में पाचवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की। अपनी शिक्षा के इस प्रारंभिक चरण में भी बालक तात्य... Read more






