भारतभूमि अनादिकाल से संतों एवं अध्यात्म के दिव्यपुरुषों की भूमि रही है। जब-जब धर्म पर संकट आया है, तब-तब संतों ने अवतार लेकर भक्ति के माध्यम से समाज को सही दिशा दी है। ऐसे ही महान संत थे दाद... Read more
मन्त्र की महिमा एक बार परमहंसजी से एक जिज्ञासु ने पूछा – ‘‘क्या मन्त्र जप सबको समान लाभ देते हैं?’’ उन्होंने कहा – ‘‘नहीं!’’ तो जिज्ञासु ने पूछा – ‘‘क्यों ?’’ परमहंसजी के स... Read more
फाल्गुन कृष्ण दशमी संवत् 1881 में जन्मे महर्षि दयानन्द सरस्वती के बारे में जब चिन्तन करने लगते है तो सामान्य मनुष्य अथवा महापुरूषों के व्यक्तित्व व कृतित्व के समान चिन्तन तो करना ही होता है... Read more
इस दिन वर्ष 1928 को सर सी. वी. रमन ने अपनी खोज ‘रमन प्रभाव’ की घोषणा की थी। इसी खोज के लिए सर सी. वी. रमन को नोबेल पुरस्कार भी दिया गया था सर सी. वी. रमन नोबेल पुरस्कार पाने वाले प्रथम भारती... Read more
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में चन्द्रशेखर आजाद का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। भले ही लोग स्वतंत्रता-संग्राम में उनके योगदान को पूर्ण रूप से न जानते हों, लेकिन इतना अवश्य जानते... Read more
शिवाजी महाराज एक कुशल और प्रबुद्ध सम्राट के रूप में जाने जाते हैं। सेनानायक के रूप में शिवाजी की महानता निर्विवाद रही है। शिवाजी समर्पित हिन्दू राजा थे और धार्मिक सहिष्णुता के पक्षधर भी थे।... Read more
हमारे देश भारत में सदियों से अनेक महान संतों ने जन्म लेकर इस भारतभूमि को धन्य किया है जिसके कारण भारत को विश्वगुरु कहा जाता है। जब-जब हमारे देश में ऊँच-नीच, भेदभाव, जातिपांति, धर्मभेदभाव अपन... Read more
वीर सावरकर की स्थिति निरंतर बिगड़ती चली गई और 26 फरवरी 1966 की प्रातः स्पष्ट प्रतीत होने लगा कि उनका अंतिम समय समीप ही आ गया है। चिकित्सक अपना कर्त्तव्य निभाने में लग गये। ऑक्सीजन दी गई तथा स... Read more
रत्नागिरि में स्थानबद्धता के समय वीर सावरकर से कई राष्ट्रीय स्तर के नेता, समाज-सुधारक आदि व्यक्ति मिलने आये थे, जिनसे उनकी तत्कालीन भारत की राजनीति, धर्म, संस्कृति आदि विषयों पर वार्ता हुई।... Read more
अण्डमान में बन्दी-जीवन काल में उन्हें वांछित एकांत मिल गया, जहां उन्होंनें राष्ट्रीय पुनर्निर्माण की समस्या पर गहन विचार किया। उन्होंने अनुभव किया कि देश में चलने वाला स्वतंत्रता संग्राम इस... Read more






