हमारी संस्कृति में नारी का स्थान अत्यन्त ऊँचा है। नारी को देवी के पद पर प्रतिष्ठित किया गया है। अपनी गरिमा, तेजस्विता के कारण भारतवर्ष की नारी सम्पूर्ण विश्व में पूजनीया है। नारी परिवार का क... Read more
श्रीराम मन्दिर का शिलान्यास स्वयं की पहचान एवं अस्मिता को जीवंतता देने का अवसर है। जो हमें फिर से अपनी जड़ों को मजबूती देने के लिये सोचने का धरातल दे रहा है कि कथित धर्म निरपेक्षता की अवधारणा... Read more
चीन द्वारा भारत के सैनिकों के साथ धोखे से किए गए कायराना हमले में 20 सैनिकों के शहीद होने से देश में जबरदस्त गुस्सा है। चीन की आर्थिक रूप से कमर तोड़ने के लिए भी जनता पूरी तरह से तैयार दिख रह... Read more
भारतीय संत परंपरा सनातन संस्कृति की वाहक है। गुरु शिष्य परंपरा से ही भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की पहचान है। संतों के सान्निध्य में व्यक्ति के उत्तम चरित्र का निर्माण होता है। राष्ट्र की... Read more
यूँ तो सदैव से ही ‘राष्ट्रवाद’ जनसाधारण की चर्चाओं से लेकर अकादमिक विमर्श के केंद्र में रहता है किंतु, वर्तमान समय में राष्ट्रवाद की चर्चा जोरों पर है। राष्ट्रवाद का जिक्र बार-बार आ रहा है।... Read more
घुसपैठिये और शरणार्थी में मौलिक अंतर हैं। भारतीय जनमानस को अवैध घुसपैठियों और पीड़ित शरणार्थियों में अंतर समझाना होगा। ऐसा लगता है आम जन तो यह अंतर जानता-समझता (परिपक्व) है परन्तु स्वार्थी रा... Read more
योगेश्वर श्रीकृष्ण भारतवर्ष की महानतम् विभूतियों में से एक थे। उनका जीवन समस्त मनुष्यमात्र के लिए प्रेरणास्रोत है। जहाँ पौराणिक बन्धु उन्हें भगवान मानते हैं, वहीं वैदिकधर्मी उन्हें महापुरुष... Read more
राम जन्मभूमि विवाद पर पांच जजों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से जो फैसला दिया है, वह आजाद भारत के एक बहुत पुराने मुकदमे का निपटारा भर नहीं है, बल्कि एक देश के रूप में हमारी मजबूती की राह की... Read more
भारत की पावन भूमि पर कई संत-महात्मा अवतरित हुए हैं, जिन्होंने धर्म से विमुख सामान्य मनुष्य में आध्यात्म की चेतना जाग्रत कर उसका नाता ईश्वरीय मार्ग से जोड़ा है। ऐसे ही एक अलौकिक अवतार गुरु नान... Read more
‘‘देश के लिए जिसने विलास को ठुकराया था, त्याग विदेशी धागे उसने खुद ही खादी बनाया था ! पहन काठ के चप्पल जिसने सत्याग्रह का राग सुनाया था, देश का था वो अनमोल दीपक जो महात्मा कहलाया था !!’’ सत्... Read more






