तनाव भगाएँ
करियर और परिवार की जिम्मेदारियाँ, काम का बोझ, वक्त की कमी, रिश्तों के बीच बढ़ती दूरियाँ, अकेलापन और महत्वाकांक्षाएँ, आज इन स्थितियों का सामना अधिकतर लोग कर रहे हैं। इससे उनके जीवन में तनाव का स्तर काफी बढ़ गया है। तनाव के कारण शरीर में कई हार्मोनों का स्तर बढ़ जाता है, जिनमें एड्रीनलीन और कार्टिसोल प्रमुख हैं। इनकी वजह से दिल का तेजी से धड़कना, पाचन क्रिया का मंद पड़ जाना, रक्त का प्रवाह प्रभावित होना, नर्वस सिस्टम की कार्यप्रणाली गड़बड़ा जाना और इम्यून सिस्टम कमजोर होने जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
जानलेवा मोटापे से बचें
मोटापे का अर्थ है शरीर में आवश्यकता से अधिक चर्बी बढ़ने से शरीर का बेडौल हो जाना। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मोटापे को स्वास्थ्य के लिए सर्वाधिक 10 खतरों में शामिल किया है। मोटापा अपने आपमें कोई रोग नहीं, लेकिन यह कई रोगों को न्योता देने का कारण अवश्य है। इनमें प्रमुख हैं डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हार्ट फेलियर, अत्यधिक पसीना आना, जोड़ों में दर्द और बाँझपन। इससे बचे रहकर स्वस्थ व युवा नजर आएँगे।
नियमित दिनचर्या अपनाएँ
अपने सोने-जागने का एक नियमित चक्र बनाएँ। अगर हर दिन एक निश्चित समय पर सोएँगे और जागेंगे, आप अधिक ऊर्जावान और तरोताजा अनुभव करेंगे। अगर आप अपने स्लीप पैटर्न को बदलना चाहते हैं तो धीरे-धीरे 15 मिनट का बदलाव करके बदलें। इसी तरह से खाने का भी एक नियत समय बना लें, जिससे आपका शरीर उस समय तक ऊर्जा का स्तर बनाए रखने का आदी हो जाएगा।
व्यायाम की आदत डालें
आज की तेज रफ्तार जिंदगी से तालमेल बैठाने के लिए स्वस्थ और ऊर्जा से भरपूर होना जरूरी है। इसके लिए एक्सरसाइज से बेहतर क्या हो सकता है। इससे न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने में सहायता मिलती है, बल्कि मानसिक शांति भी प्राप्त होती है। हर दिन केवल 15 मिनट का व्यायाम भी आपके जीवनकाल को 3 साल तक बढ़ा सकती है।
भोजन रखे निरोग
आपको अपने दिन की शुरुआत करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। सुबह का नाश्ता आपके शरीर को सुचारु रूप से कार्य करने के लिए आवश्यक ऊर्जा उपलब्ध कराता है। एक पुरानी कहावत है कि ‘भोजन को ही दवा बना लें।’ अगर आप नियमित रूप से संतुलित और पोषक भोजन का सेवन करेंगे तो न केवल बीमारियों से बचेंगे, बल्कि स्वस्थ और ऊर्जावान भी बने रहेंगे। अपने भोजन में फल, सब्जियों, साबुत अनाज और तरल पदार्थो को उचित मात्र में शामिल करें। दिन में तीन बार मेगा मील खाने की बजाए छह बार मिनी मील खाएँ।
नींद भी जरूरी है
विशेषज्ञ कहते हैं कि हमें कम से कम छह से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। हर व्यक्ति के शरीर में नींद की बायोलाॅजिकल क्लाॅक होती है। जब यह क्लाॅक असंतुलित होती है तो परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे तनाव, कोई शारीरिक या मानसिक समस्या।
ध्यान लगाएँ
ध्यान को मस्तिष्क की खुराक कहा जाता है। ध्यान एक साधारण, लेकिन शक्तिशाली तकनीक है, जो आपके मस्तिष्क को शांत और स्थिर रखती है। आपको सिर्फ यह करना है कि आप अपनी आँखें बंद करके बैठ जाएँ और गहरा आराम अनुभव करें। शुरुआत में थोड़ी दिक्कत होगी, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति से आप मन को काबू में कर लेंगे।ध्यान एलर्जी, उत्तेजना, अस्थमा, कैंसर, थकान, हृदय संबंधी बीमारियों, हाई ब्लड प्रेशर, अनिद्रा में आराम मिलता है। हमारी कई बीमारियां मनोवैज्ञानिक होती हैं। इनसे भी बचाव करने में ध्यान हमारी काफी सहायता करता है।
वैद्य महेश चन्द्र शर्मा











