एक बार एक छोटा सा लड़का एक होटल में गया। कुछ ही देर में वहाँ वेटर आया और पूछा आपको क्या चाहिए सर? छोटे बच्चे ने उल्टा पूछा! वैनिला आइसक्रीम कितने रूपए का है? उस वेटर ने जवाब दिया ५० रुपये का।
यह सुन कर उस छोटे लड़के ने अपने जेब में हाथ डाल कर कुछ निकला और हिसाब किया। उसने दुबारा पूछा कि संतरा फ्लेवर आइसक्रीम कितने का है? वेटर ने दुबारा जवाब दिया और कहा ३५ रुपये का सर।
यह सुनने के बाद उस लड़के ने कहा! मेरे लिए एक संतरा फ्लेवर आइसक्रीम ले आईये।
कुछ ही देर में वेटर आइसक्रीम की प्लेट और साथ में बिल लेकर आया और उस बच्चे के टेबल पर रखकर चला गया। उस लड़के ने उस आइसक्रीम को खाने के बाद पैसे दिए और वह चला गया।
जब वह वेटर वापस आया तो वह दंग रह गया यह देखकर कि उस लड़के ने खाए हुए आइसक्रीम प्लेट के बगल में उसके लिए १५ रुपय का टिप छोड़ा था ।
सारः-
उस लड़के पास ५० रुपये होने पर भी उसने उस वेटर के टिप के बारे में पहले सोचा न कि अपने आइसक्रीम के बारे में। इसी प्रकार हमें केवल अपने फायदे के बारे में सोचने से पहले दूसरों के बारे में भी सोचना चाहिए।
रितिका जैन











